पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, बेबल बसंतपुर, भुता, बरेली
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज बेबल बसंतपुर ब्लॉक भुता के ग्राम सभा बेबल बसंतपुर में स्थित है I इस ग्राम सभा में लगभग 6000 ग्रामवासी है I शिक्षा का स्तर कम होने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा का स्तर बढ़ाने ग्रामवासियो का रहन -सहन एवं विभिन्न सरकारी /गैर सरकारी विभागों में नौकरी कर सकने को दृष्टिगत रखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, बेबल बसंतपुर, भुता, बरेली दिनांक 24 जनवरी सन 2018 में स्थापित किया I स्थापनोपरांत विद्यालय में प्रारम्भ में 179 छात्र / छात्राओं के प्रवेश से विद्यालय प्रारम्भ हुआ विद्यालय नित प्रतिदिन छात्र / छात्राओं के सर्वांगीण विकास में प्रयासरत हैं I प्रधानाचार्य श्री देवेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व एवं शिक्षक वन्धुओ के निरंतर प्रयासों से विद्यालय प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं I
"भारत में रहने वाला और इसके प्रति ममत्व की भावना रखने वाला मानव समूह एक जन है उसकी जीवन प्रणाली कला, साहित्य दर्शन सब भारतीय संस्कृति है I इस संस्कृति
में निष्ठा रहे तभी भारत एकात्म रहेगा"I
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय
"वसुधैव कुटुंबकम" भारतीय सभ्यता से प्रचलित है, और शिक्षा जीवन मूल है और इसे जन जन तक पहुंचाने के उद्द्येश्य से ही एकात्म मानववाद के प्रणेता के नाम पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज बेबल बसंतपुर भुता, बरेली की स्थापना की गयी I अप्रैल 2018 से संचालित यह विद्यालय निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होने के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। कक्षा 9 व 10 के छात्र / छात्राओं को कंप्यूटर विषय की शिक्षा प्रदान करना एक सराहनीय कार्य है, जो बेहतर भविष्य के लिए उपयोगी है। विद्यालय में 10 प्रवक्ता व 7 सहायक अध्यापक के पद सृजित है। विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक के पंजीकृत छात्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्द्येश्य को सार्थक कर रहा है। विद्यालय का परीक्षाफल प्रत्येक वर्ष बेहतर हो रहा है। विद्यालय में छात्रों के लिए खेल का सामान जैसे वॉलीबॉल, क्रॉस, बैटमिंटन आदि उपलब्ध है और बच्चे पूरे मनोयोग से खेल में प्रतिभाग करते हैं। विद्यालय के छात्र / छात्राओं ने ग्रामीण स्तर पर दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया है और प्रथम एवं द्वितीय स्थान भी प्राप्त किया है। विद्यालय में सभी प्रकार की शैक्षिक गतिविधियां, सांस्कृतिक गतिविधियां, स्वास्थ्य शिविर आदि का आयोजन समय - समय पर किया जाता है, तथा कमजोर छात्रों को उपचारात्मक शिक्षा विद्यालय के योग्य शिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाता है, तथा ऐसे छात्र जो ड्रेस या किताबे आदि लेने में असमर्थ है, विद्यालय परिवार के सहयोग से छात्रों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाता है। विद्यालय ही वह स्थान है जहाँ छात्र के जीवन का सर्वांगीण विकास होता है, हमारा उद्द्येश्य छात्रों को अच्छी शिक्षा के साथ - साथ उनका नैतिक एवं चारित्रिक विकास करना है, जिससे वह भविष्य में बेहतर कल का निर्माण कर सकें।